स्टडी इन इंडिया स्टे इन इंडिया के लिए संपूर्ण डिजिटलाइजेशन जरूरी – कुलपति

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  • जोश वहीं, उत्साह वही, उमंग भी वही, मगर पाबंदियों ने छीन ली रौनक,
  • सादगी के साथ ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में मना आजादी का जश्न

संजय कुमार राजा/समस्तीपुर/दरभंगा।

स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए हमें बहुत ही कड़ा संघर्ष करना पड़ा था। लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी तब जाकर हमने आजादी पाई थी। आज एक बार फिर हमें ‌लड़ाई लड़नी है परन्तु लड़ाई का उद्देश्य एवं स्वरूप अलग होगा। कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने एवं उसके कारण लॉक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों से मुकाबला करने हेतु हमें संघर्ष करना है। इस वक्त सिर्फ हमारा देश ही नहीं पूरे विश्व की शिक्षा व्यवस्था, अर्थव्यवस्था अनिश्चितता की दौर‌ से गुजर रही है। डिजिटलाइजेशन के सहारे हमें पुरानी व्यवस्था से नयी व्यवस्था की ओर मुखातिब होने की आवश्यकता है। शिक्षा में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमें आनलाइन अध्ययन अध्यापन सहित, संपूर्ण आनलाइन कार्य प्रणाली विकसित करनी होगी। उक्त बातें कुलपति प्रो राजेश सिंह ने आज 74वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मुख्य प्रशासनिक भवन पर झंडोत्तोलन के क्रम में शिक्षकों, पदाधिकारियों, छात्रों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि चौंतीस वर्षों के बाद देश में नयी शिक्षा नीति लागू होने जा रही है । लोगों के बीच ‌, हितधारकों के बीच इसकी चर्चा एवं प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है । सोशल मीडिया पर नयी शिक्षा नीति के जितने कम भ्यूवर अवतक के प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मिले हैं वह बड़ी चिंता का विषय है। यू जी सी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को इसके प्रचार प्रसार करने एवं लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने का निर्देश दिया है। अमेरिका,रुस जैसे विकासित देश वहां पढ़ रहे हमारे देश के छात्रों को वापस भेज रहा है। हमारे देश से छात्रों का लगभग चौंसठ हजार करोड़ रुपए विदेश चला जाता है जो इस देश के शिक्षा बजट से बहुत ज्यादा है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अपने देश के छात्रों के लिए अपने ही देश में “स्टडी इन इंडिया के साथ स्टे इन इंडिया” कार्यक्रम लागू करने हेतु गंभीरता से विचार कर रही है तथा इस हेतु एक समिति का गठन किया गया है। विश्वविद्यालयों में परीक्षा संचालन नहीं होने के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि देश के लगभग सात सौ विश्वविद्यालयों ने यूजीसी के दिशा निर्देश के आलोक में या तो परीक्षा संपन्न कर ली है या परीक्षा की‌ तैयारी कर ली है।अन्त में उन्होंने कहा कि यह बात सत्य है कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बिहार का नम्बर वन विश्वविद्यालय है परन्तु हमें इससे बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है।एन आई आर एफ, एवं ग्लोबल रैंकिंग हेतु हमें इस विश्वविद्यालय को तैयार करना होगा। हम आशा ‌करते हैं कि अगले शैक्षिक सत्र में यह विश्वविद्यालय एन आई आर एफ में पचास के अन्दर एवं ग्लोबल में हजार के अन्दर अपना स्थान बनाने में कामयाब होगा। इससे पूर्व कुलपति महोदय ने गांधी सदन में एवं अंत में कुलपति आवासीय कार्यालय में झंडोत्तोलन किया। नरगोना मुख्य भवन में सभी स्नातकोत्तर विभागों का संयुक्त झंडोत्तोलन प्रो शीला , संकायाध्यक्ष विज्ञान के द्वारा किया गया। शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ एवं छात्र संघ कार्यालय पर कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने झंडोत्तोलन किया।

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