पुरस्कार और सम्मान के बदले मिला रासुका के तहत जेल यह कैसा न्याय – उमेश,

147
आक्रोश रैली में शामिल माले नेता व कार्यकर्ता

डॉक्टर कफील की रिहाई को लेकर आइसा – इनौस ने निकाला आक्रोश मार्च,

समस्तीपुर। बलात्कारियों और भ्रष्टाचारियों कि पनाहगाह भाजपा की नजर में मानवता का परिचय देना और अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करना अपराध है। जिस डॉ कफील ने, मौत से जूझ रहे मासूम बच्चो के लिए अपना सर्वस्व झोंक दिया उसे यूपी की भाजपा सरकार पुरस्कृत और सम्मानित करने के बदले रासुका के तहत प्रताड़ित व अपमानित कर रही है। उक्त बातें सीपीआई एमएल के जिला सचिव प्रो उमेश कुमार ने अपने संबोधन में कहीं। वे डॉक्टर कफील की रिहाई को लेकर आइसा – इनौस द्वारा आयोजित आक्रोश मार्च के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि, मानवता और चिकित्सकीय धर्म के निष्ठावान अनुयायी डॉ कफील का अपराध सिर्फ यह है कि वे मुसलमान है और उन्होंने भाजपा के गलत नीतियों और बयानों का कभी समर्थन नहीं किया। बताते चलें कि पिछले दिनों शास्त्री गली से आइसा – इनौस के कार्यकर्ताओं ने डॉक्टर कफील को अविलंब रिहा करने एवं रासुका से उन्हें मुक्त करने को ले कर शारीरिक दूरी बनाते हुए आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च शहर के मुख्य मार्गों से गुज़रते हुए ओभर ब्रिज के निकट पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भाकपा माले जिला सचिव कामरेड प्रो उमेश कुमार एवं जिला कमिटी सदस्य कामरेड सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने संबोधित किया। इनौस जिला अध्यक्ष राम कुमार व आइसा जिला अध्यक्ष लोकश राज ने संयुक्त रूप से सभा की अध्यक्षता की। जबकि सभा का संचालन इनौस जिला सचिव आसिफ होदा व आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here