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कोरोना संकट के बीच बाढ़ का खतरा, प्रशासन हाई अलर्ट मोड में  

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सभी नदियां खतरे के निशान पर, बाढ़ को ले कर सारी तैयारियां पूरी – एडीएम

मीडिया कर्मियों से बात करते पदाधिकारी

समस्तीपुर। जिले में भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। सभी नदियां खतरे के निशान को छू रही हैं। इस कारण बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सारी तैयारियां पूरी कर ली है। उक्त बातें अपर समाहर्ता विनय कुमार राय ने संवाददाताओं से कहीं। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया कर्मियों को हालात की ताजा स्थिति के बारे में बताते हुए कहा कि जिले के चार प्रखंड के एक दर्जन से अधिक पंचायत बाढ़ से प्रभावित हैं। इन पंचायतों में सामुदायिक किचन, मानव शरणस्थली, पशु शरणस्थली, नाव तथा सामुदायिक किचेन व स्वास्थ्य शिविर का व्यवस्था किया गया है। उन्होंने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए जिले में एसडीआरएफ की एक कंपनी को तैनात किया गया है। नाव व मोटरबोट की समुचित व्यवस्था कर दी गई है। कल्याणपुर प्रखंड के कलौंजर व चकमेहसी में चार मोटरबोट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावे प्रभावित क्षेत्र के लोगों का एकाउंट नंबर लेकर डाटा बेस तैयार कर लिया गया। ताकि बाढ़ आने की स्थिति 2 से 3 दिनों के अंदर सहायता राशि उनके खाते में हस्तांतरित किये जा सके। कोरोना अपडेट पर चर्चा करते हुए एडीएम श्री राय ने कहा कि इस महामारी को लेकर संबंधित पंचायतों में विशेष व्यवस्था भी की गई है। अभी तक जिले 10646 सैम्पलों की कोरोना जाँच हुई , जिसमे 772 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। इनमे 319 एक्टिव केस वहीँ 449 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। साथ ही बताया कि लॉकडाउन के अनुपालन के दौरान 3508 लोगों की जाँच हुई जिनमे 3322 लोग मास्क पहने हुए और लोग 184 बिना मास्क के पाए गए जिनसे 9300 रूपये जुर्माना वसूला गया। मौके पर एडीएम राजीव रंजन सिन्हा और डीपीआरओ ऋषभ राज आदि अधिकारी मौजूद थे।

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