कृषि विज्ञान केन्द्र बिहार – झारखंड का वार्षिक जोनल कार्यशाला आयोजित

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बेविनार में शामिल प्रतिभागी

प्रवासी मजदूरों को प्रशिक्षण एवं रोजगार देने के मॉडल से आयेगी समृद्धि – डॉ श्रीवास्तव

ONe NEWS LIVE NETWORK।समस्तीपुर।

संजय कुमार राजा

मस्तीपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र का जितना विकास होगा हमारे किसानों को उतना ही फायदा होगा। क्योंकि आधुनिक कृषि तकनीकों, उपकरणों एवं नवीनतम अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाने में ये अहम भूमिका निभाते हैं। उक्त बातें बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने एक कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के दौरान अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए शीघ्र ही एक आदर्श मॉडल ला रहे हैं। बताते चलें कि सोमवार को बिहार एवं झारखंड स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र का वार्षिक जोनल कार्यशाला आयोजित की गई। जिसका विधिवत उदघाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने किया। इस वर्ष कोविड 19 के प्रकोप और लॉक डाउन के कारण वेबिनार द्वारा आयोजित की गई। इस वार्षिक कार्यशाला में केवीके के वर्ष भर के कार्यकलापों एवं उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाता है, साथ ही अगले वर्ष के लिए योजनाओं व कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाती है। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कुलपति डॉ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने प्रवासी मजदूरों को कृषि से जोड़ कर समृद्धि की ओर ले जाने की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए बताया कि हमने कोरोना और लॉक डाउन के कारण घर वापस लौटे मजदूरों को प्रशिक्षण दे कर उन्हें कृषि क्षेत्र में रोजगार देने केलिए एक मॉडल तैयार किया है। जिसमे इन्हे कुशल, अर्ध कुशल, अकुशल सहित चार वर्गों में बांट कर अपने केवीके के माध्यम से उन्हें शहद, मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण, पशु पालन, कुक्कुट पालन आदि सहित आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़े। इस दौरान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री चौधरी ने किसान उत्पादक समूह योजना एवं इसके उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया। मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महा निदेशक डॉ जे महापत्रा, सह महानिदेशक प्रसार डॉ एके सिंह, अटारी पटना के निदेशक डॉ अंजनी कुमार, बी एयू सबौर के कुलपति डॉ एके सिंह, डीआरपीसीएयू के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ एमएस कुंडू, के अलावा केवीके जाले के अध्यक्ष डॉ दिव्यांशु सहित सभी केवीके के अध्यक्ष मौजूद थे।

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