सूरज बाबू के रूप में मिथिला ने खोया एक और सपूत – प्रो, प्रेम,

116

अधिवक्ताओं ने दी भावपूर्ण विदाई

समस्तीपुर। मिथिला के लाल, बार काउन्सिल आँफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन, लाँ कॉलेज, समस्तीपुर के सेक्रेटरी तथा आम जन के न्याय दिलाने के लिए सदा संकल्पित सूरज नारायण प्रसाद सिन्हा, जिन्हें लोग प्यार से सूरज बाबू के नाम से पुकारते थे, उनका शुक्र वार को आकस्मिक निधन हो गया हैं। उनके निधन से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गयी हैं। उनके निधन पर मिथिला शिक्षा मंच सम्बद्ध अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद् के संयोजक प्रो पी के झा प्रेम ने दूरभाष पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मिथिला ने एक और सपूत को खो दिया है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।
दूसरी तरफ जिला व्यवहार न्यायालय के मोख्तार भवन में वरीय अधिवक्ता डॉ परमानन्द लाभ की अध्यक्षता में अधिवक्ता संघ की एक शोक-सभा हुई, जिसमें बी सी आइ के पूर्व चेयरमैन सूरज बाबू के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया गया और कहा गया कि वे न केवल वकील समाज, बल्कि समस्तीपुर के गौरव थे,जिनकी क्षतिपूर्ति संभव नहीं। सभा में दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
इससे पहले उनके मृत शरीर को कचहरी परिसर में लाया गया, जहां अधिवक्ताओं ने नम आंखों से पुष्पांजलि अर्पित कर अपने नेता को विदा किया।
शोक-सभा में अधिवक्ता संघ के शिवशंकर प्रसाद, सुरेश चंद्र पंडित, राजेन्द्र झा, समदर्शी राजगृहार, उदयशंकर सिंह, अरुण कुमार ठाकुर, राजेश्वर ठाकुर, शैलेन्द्र कुमार कर्ण, प्रभाकर, अशोक कुमार कर्ण, जटाशंकर चौधरी, जीवनज्योति आदि उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here