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सचिव, सूचना एवं जन सम्पर्क द्वारा विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर किये जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी दी

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सचिव, सूचना एवं जन सम्पर्क, आयुक्त पटना प्रमंडल, सचिव स्वास्थ्य, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, अपर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं मुख्य अभियंता, जल संसाधन ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर किये जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी #

ONE NEWS LIVE NETWORK TEAM

पटना, 23 जुलाई 2020:- वीडियो कॉंन्फ्रेसिंग के माध्यम से मीडिया के साथ संवाद। सचिव सूचना एवं जन सम्पर्क  अनुपम कुमार, आयुक्त पटना प्रमंडल श्री संजय कुमार अग्रवाल, सचिव स्वास्थ्य श्री लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय श्री जितेन्द्र कुमार, अपर सचिव आपदा प्रबंधन श्री रामचंद्र डू एवं मुख्य अभियंता जल संसाधन ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी दी।
सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क श्री अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को लेकर लगातार सरकार द्वारा सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कल से सभी अनुमंडल अस्पतालों में भी ऑन डिमांड टेस्टिंग की सुविधा प्रारंभ हो गयी है और इस सप्ताह के अंत तक यह व्यवस्था सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी प्रारंभ कर दी जाएगी। इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग काम कर रहा है।
श्अनुपम कुमार ने बताया कि गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य परिवारों के लिए 23 लाख 38 हजार 990 नये राशन कार्ड बने हैं। इनमें से अब तक 21 लाख 23 हजार 217 राशन कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। इस प्रकार करीब 91 प्रतिशत राशन कार्डों का वितरण किया जा चुका है। राशन कार्ड विहीन परिवारों को इससे काफी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन पर भी सरकार का पूरा ध्यान है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 5 लाख 55 हजार से अधिक योजनाओं के अंतर्गत 11 करोड़ 42 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है।
पटना प्रमंडल के आयुक्त  संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि पटना में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है, जिसे देखते हुए सरकार ने कई आवश्यक कदम उठाये हैं। पी0एम0सी0एच0, एन0एम0सी0एच0 एवं एम्स पटना में कोविड-19 के मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा आई0ए0एस0, आई0पी0एस0 तथा पांच बी0ए0एस0 पदाधिकारियों को इन तीनों जगहों पर प्रतिनियुक्त किया गया है। कल से कंट्रोल रूम पूरी तरह से फंक्शनल है। लोगों की जो भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उस पर त्वरित संज्ञान लेकर वे अगे्रत्तर कार्रवाई कर रहे हैं। पिछले दिनों एन0एम0सी0एच0 में शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद वहां कंट्रोल रूम सेटअप किया गया और डॉ0 विनोद सिंह को नए अधीक्षक के रूप में पदस्थापित किया गया। उन्होंने आज कार्यभार संभाल लिया है। कल से स्थिति में काफी सुधार देखा जा रहा है। प्रत्येक वार्ड की जबाबदेही अब सीनियर डॉक्टर की होगी। अब प्रत्येक वार्ड में डेडीकेटेड डॉक्टर्स की टीम रहेगी, जो दिन में 6 बार वार्ड में विजिट कर मरीजों का इलाज करेंगे। एन0एम0सी0एच0 के हर वार्ड में चैबीसों घंटे डॉक्टर्स की टीम रहेगी। उन्होंने बताया कि पी0पी0ई0 किट्स पहनकर अधिक देर तक रहना काफी मुश्किल होता है इसलिए राज्य सरकार ने यह छूट दी है कि मेडिकल कॉलेज में अधीक्षक आवश्यकतानुसार डॉक्टर्स की ड्यूटी 8 घंटे से घटाकर 4 से 6 घंटे ही सुनिश्चित करें। एन0एम0सी0एच0 के आई0सी0यू0 वार्ड को और अधिक बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा कई आवश्यक कदम उठाये गये हैं। ऑक्सीजन की पाइपलाइन 165 बेड्स तक पहुंचा दी गयी है। बी0एम0एस0आई0सी0एल0 के द्वारा अन्य बेडों तक पाइपलाइन बिछाने का काम भी आज से प्रारम्भ कर दिया गया है।
श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि पी0एम0सी0एच0 और एन0एम0सी0एच0 में सी0सी0टीवी कैमरे अधिष्ठापित किये गये हैं ताकि कंट्रोल रूम से भी निगरानी की जा सके। सी0सी0टीवी आज से फंक्शनल हो जायेंगे। इंटरकॉम लगाने के लिए भी सर्वे किया जा रहा है और इस पर जल्द ही काम प्रारम्भ होगा ताकि डॉक्टर्स, पेशेंट्स, अधीक्षक या कंट्रोल रूम से आपस में बात हो सके। डेडबॉडी डिस्पोजल करने या परिजनों को सुपुर्द करने में समस्या न हो, इसके लिए जो मजदूर वहाॅ इस काम को करते हैं, उन्हें प्रति डेडबॉडी अतिरिक्त 500 रुपये इंसेंटिव के रूप में दिये जायेंगे। डेडबॉडी के ट्रांसपोर्टेशन के लिए राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त वाहन भी उपलब्ध करा दिये गये हंै ताकि लोगों को इंतजार नहीं करना पड़े। बांसघाट पर चैबीसों घंटे अंतिम संस्कार करने की अनुमति भी दी गयी है। पहले रात्रि में ही अंतिम संस्कार होते थे। नगर निगम के कर्मचारी भी वहां तैनात किये गये हैं ताकि अंतिम संस्कार में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। डॉक्टर्स की ड्यूटी चार्ट भी नोटिस बोर्ड पर लगायी जायेगी, जिसका लगातार फॉलोअप किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा आज पी0एम0सी0एच0 में 25 और वेंटीलेटर उपलब्ध करा दिये गये हैं। इसके इंस्टाॅलेशन का काम चल रहा है। चिकित्सकों के लिए पर्याप्त मात्रा में पी0पी0ई0 किट्स उपलब्ध हैं और इसकी कमी न हो इस संबंध में अधीक्षक को निर्देश दिये गये हैं। पी0एम0सी0एच0 और एन0एम0सी0एच0 में वीडियो काॅन्फ्रेसिंग की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गयी है ताकि लगातार अनुश्रवण हो सके, डॉक्टर्स की ट्रेनिंग करायी जा सके और लगातार फीडबैक लिया जा सके। पटना एम्स में पहले से ही यह व्यवस्था है। एन0एम0सी0एच0 से अब तक 760 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौटे हैं, जिनमंे अधिकांश लोग गंभीर स्थिति में थे इसलिए लोग आशान्वित रहें, मन में निराशा का भाव न रखें। डॉक्टर्स हमारे फ्रंटलाइन सोल्जर्स हैं इसलिए हर परिस्थिति में उनके मनोबल को बनाये रखना है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से पिछले 24 घंटे में 1,135 लोग स्वस्थ हुए हैं। अब तक 19,876 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं और इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 66.11 प्रतिशत है। 21 जुलाई से अब तक कोविड-19 के 730 मामले प्रतिवेदित हुए हैं, जबकि 20 जुलाई एवं पूर्व के 772 कोरोना संक्रमण के नये मामले भी सामने आये हैं। वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 9,981 एक्टिव मरीज हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 10,015 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 4,09,088 है।
सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि सभी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के लिए नियंत्रण कक्ष फंक्शनल हो गये हैं ताकि नियंत्रण कक्ष के माध्यम से मरीजों की समस्याओं का निदान हो सके। अनुमंडल अस्पतालों तक एंटीजन टेस्टिंग सुविधा का विस्तार किया जा चुका है और क्रमबद्ध रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक इसका विस्तार किया जा रहा है। कई जिलों में पी0एच0सी0 स्तर पर यह जाॅच प्रारंभ हो चुकी है और कई जिलों में यह प्रक्रियाधीन है। इस सप्ताह के अंत तक राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड-19 जांच की व्यवस्था कारगर ढंग से प्रारम्भ हो जाएगी।
अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय श्री जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 07 कांड दर्ज किये गये हंै और 05 व्यक्तियों की गिरफ्तारी भी हुई है। इस दौरान 988 वाहन जब्त किये गये हैं और 27 लाख 21 हजार 800 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है। इस प्रकार 1 जुलाई से अब तक 27 कांड दर्ज किये गये हैं और 22 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। कुल 17,093 वाहन जब्त किए गए हैं और 04 करोड़ 09 लाख 59 हजार रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। उन्होंने बताया कि मास्क न पहनने पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 7,188 व्यक्तियों से 03 लाख 59 हजार 400 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। इस प्रकार 05 जुलाई से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 79,485 व्यक्तियों से 39 लाख 68 हजार 380 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गयी है। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ने राज्य की विभिन्न नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंधों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंडक नदी के जलस्तर में कमी आ रही है, आज अपराह्न 2 बजे गंडक बराज पर 2 लाख 80 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज है। कोसी के जलस्तर में भी तेजी से गिरावट हो रही है। कोसी बराज पर 02 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज (जलस्राव) और बराह क्षेत्र में 1.5 लाख का डिस्चार्ज है। जयनगर और झंझारपुर रेल के पास कमला नदी के जलस्तर में गिरावट आ रही है। बागमती, कमला बलान और गंडक कई जगहों पर अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं और सभी लोग अलर्ट हैं। नेपाल प्रभाग में भारी वर्षापात की सूचना नहीं है इसलिए अनुमान है कि नदियों के जलस्तर में अभी और गिरावट आएगी। अभी तक कहीं से भी कोई प्रतिकूल स्थिति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है और वर्तमान में कहीं कोई समस्या नहीं है। पूरी तैयारी के साथ विभाग मुश्तैद है।
आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव श्री रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 10 जिले सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिम चम्पारण, खगड़िया एवं पूर्वी चम्पारण के कुल 55 प्रखंडों की 282 पंचायतें प्रभावित हुयी हैं, जहाँ आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। सुपौल में 02, पश्चिम चम्पारण में 02, पूर्वी चम्पारण में 02, गोपालगंज में 03 और खगड़िया में 01 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोपालगंज में 13, सुपौल में 02, पूर्वी चंपारण में 18, दरभंगा में 98, सीतामढ़ी में 02 एवं खगड़िया में 01 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं। इस प्रकार कुल 134 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 46,668 लोग भोजन कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव के कार्य भी किये जा रहे हैं। बेतिया में 02 एन0डी0आर0एफ0 और 01 एस0डी0आर0एफ0 टीम, मोतिहारी में 02 एन0डी0आर0एफ0 और 01 एस0डी0आर0एफ0 टीम, गोपालगंज में 03 एन0डी0आर0एफ0 टीम, छपरा में 02 एन0डी0आर0एफ0 टीम, मुजफ्फरपुर में 01 एन0डी0आर0एफ0 और 01 एस0डी0आर0एफ0 टीम, वैशाली में 01 एस0डी0आर0एफ0 टीम, खगड़िया में 02 एस0डी0आर0एफ0 टीम और दरभंगा में 02 एन0डी0आर0एफ0 तथा 01 एस0डी0आर0एफ0 टीम की प्रतिनियुक्ति की गयी है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

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