तीन प्रमुख नदियों बागमती, करेह और बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से उपर बह रही

314

समस्तीपुर । जिले से विभिन्न स्थानों से होकर गुजरने वाली तीन प्रमुख नदियों बागमती, करेह और बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से उपर बह रही है। वहीं गंगा नदी खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे बह रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि बूढ़ी गंडक के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। रोसड़ा में अभी तक के उच्चतम जलस्तर के बने मानक को छू लिया है। वहीं समस्तीपुर में भी उच्चतम जलस्तर के बने मानक के करीब पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि बूढ़ी गंडक के जलस्तर में अभी और वृद्धि होने की संभावना है। नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि से तटबंध पर पानी का दबाब बढ़ने लगा है। इसको लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट है। तटबंध पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 100 से अधिक स्थानों पर पाइपिग की गई और सैंड बैग भरने का कार्य किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बागमती नदी के जलस्तर में शुक्रवार को पिछले 24 घंटे में डेढ़ सेमी वृद्धि दर्ज की गई है। जो खतरे के निशान से 310 सेमी उपर बह रही है। फिलहाल, बागमती के जलस्तर में हो रही वृद्धि का सिलसिला अब सामान्य होने लगा है। लेकिन कल्याणपुर, हसनपुर, बिथान और सिघिया में सात पंचायत बाढ़ के पानी से पूरी तरह प्रभावित है। वहीं 36 पंचायत आंशिक रुप से प्रभावित हैं। इसके साथ ही जिले के 94 गांव में 1 लाख 20 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव और मोटरबोट की व्यवस्था की गई है। 13 कम्युनिटी किचेन संचालित किए जा रहे हैं। 9500 प्लास्टिक शीट का वितरण किया गया है। पशुओं के लिए चारा की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कैंप चलाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एसडीआरफ की टीम लगातार कार्य कर रही है। मौके पर एडीएम आपदा विनय कुमार, डीपीआरओ ऋषभ कुमार मौजूद रहे।

——————————-

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल टीम का गठन

जिलाधिकारी ने बताया कि मेडिकल मोबाइल टीम का गठन किया गया है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सहायता करेंगे। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं का भी सर्वे किया जा रहा है। पानी को शुद्ध कर पीने के लिए घर- घर लोगों को हैलोजन टैबलेट का वितरण किया जा रहा है। कम्यूनिटी किचेन सेंटर में एंटीजन टेस्ट की भी व्यवस्था की गई है। यहां लोगों को कोरोना जांच संबंधी सुविधा मिलेगी।

———————————-इसे भी पढ़ें

कोरोना : रोसड़ा एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र को आइसोलन सेंटर में बदलने की चल रही तैयारी

मोरदिवा, दलसिंहसराय के बाद अब रोसड़ा एनएनएम सेंटर में भी ऑक्सीजन सिलेंडर से लैश कर आइसोलन सेंटर में बदलने की तैयारी चल रही है। इसके अलावे निजी अस्पताल के 25 प्रतिशत बेड को संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए लिया जाएगा। जिलाधिकारी के बताया कि प्राइवेट लैब के उपलब्ध संसाधन की जांच की जा रही है। जहां लोगों को कोरोना जांच की सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा कोविड 19 संक्रमण संबंधी जन शिकायत व परामर्श के लिए टोल फ्री नंबर 18003456635 को शनिवार को एक्टिव किया जाएगा। फिलहाल जिले में कोरोना संबंधी 433 केस एक्टिव हैं। 664 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को लेकर कोरोना जांच की क्षमता बढ़ाई गई है। प्रखंड स्तर पर पीएचसी में कोरोना जांच की सुविधा दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here