जिले की सभी नदियां खतरे के निशान को छूने को बेताब, प्रशासन एलर्ट मोड में

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समस्तीपुर। कोरोना संक्रमण की दहशत और लगातार हो रही बारिश के बीच जिले पर बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। सोमवार को जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी ऋषभ राज ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बाढ़ की आशंका एवं प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया है कि दिनांक 13.07.2020 का बूढ़ी गंडक, गंगा, और बागमती के अद्यतन जलस्तर संबंधी प्रतिवेदन के अनुसार समस्तीपुर रेल पुल पर बूढ़ी गंडक खतरे के निशान 45…73 से 2.53 मीटर नीचे बह रही है वहीं रोसरा रेल पुल पर खतरे के निशान 42.63 से 2.23 मीटर नीचे बह रही है। मोहनपुर प्रखण्ड स्थित सरारी घाट पर गंगा खतरे का जलस्तर 45.50 से महज 0.86 मीटर नीचे बह रही है। जबकि बागमती हायाघाट में खतरे के निशान 45.72 से 1.64 मीटर नीचे है। शर राज ने बताया कि सभी स्थानों पर जल स्तर खतरे के जल स्तर से नीचे पाया गया है परंतु सभी स्थानों पर जल स्तर में बढ़ने की प्रवृति है। साथ ही बागमती नदी के कैचमेंट/जलग्रह क्षेत्र में वर्षा होने की संभावना है। बाढ़ पूर्व तैयारी के बारे में बताते हुए डीपीआरओ श्री राज ने बताया कि पंचायत अनुश्रवण समिति द्वारा अनुमोदन के बाद कल्याणपुर में 33, विथान में 50, सिंघिया में 64 और हसनपुर में 02 स्थलों का चयन सामुदायिक किचेन के लिए किया गया है। कल्याणपुर में 25, विथान मैं 50, सिंघिया में 32 और हसनपुर में 02 शरण स्थल जबकि कल्याणपुर में 8, विथान में 50, सिंघिया में 20 और हसनपुर में 1 पशु आश्रय स्थल एवं स्वास्थ्य शिविर हेतु कल्याणपुर में 8, विथान में 50, सिंधिया में 19 और हसनपुर में 2 स्थलों का चयन किया गया है।कल्याणपुर में 55 रूट पर, विथान में 23 रूट पर, सिंघिया में 49 रूट पर और हसनपुर में 6 रूट पर नाव (सरकारी/निजी) एवं उन पर नाविकों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों/पंचायतों में रहने वाले लोगों से सतर्क एवं सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।

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